बक्सर: जिले के विभिन्न इलाकों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सिमरी, चक्की, बक्सर, चौसा समेत जिले के तमाम क्षेत्रों में भी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा का पूजन हुआ।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हुआ विश्वकर्मा पूजा: सिमरी के केशोपुर में स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की और विश्व शांति की कामना की। पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
भगवान विश्वकर्मा: निर्माण और सृजन के देवता: डबल्यूटीपी के प्रोजेक्ट इंचार्ज उमेश चंद्र कुमार ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा को देवशिल्पी और निर्माण के देवता के रूप में पूजा जाता है। उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। इस दिन कारोबारी और व्यवसायी भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं जिससे उन्हें तरक्की और समृद्धि मिलती है।
कब होता है विश्वकर्मा पूजन?: भगवान विश्वकर्मा का जन्म अश्विन मास की प्रतिपदा को हुआ माना जाता है। हालांकि, उनके जन्म को लेकर कई मान्यताएं हैं, परंतु हर साल यह पूजन सूर्य के पारगमन के आधार पर 17 सितंबर को मनाया जाता है।
विश्वकर्मा पूजन का महत्व: उमेश चंद्र कुमार ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा हर व्यक्ति को करनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पेशे से जुड़ा हो। यह पूजा निर्माण और सृजन के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक विशेष अवसर है।